वीवीआईपी दर्शन के लिए अफसरों के पास पहुंचा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के नाम से जारी फर्जी लेटर,जांच में जुटी पुलिस
वीवीआईपी दर्शन के लिए अफसरों के पास पहुंचा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के नाम से जारी फर्जी लेटर,जांच में जुटी पुलिस

07 Aug 2026 |   33



 

चित्रकूट। प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में पांच लोगों को वीवीआईपी दर्शन कराने और ठहरने का इंतजाम करने के लिए पहुंचे संदेहास्पद लेटर से प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है।ये लेटर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की फोटो, हस्ताक्षर युक्त लेटरपैड से जारी हुआ है।अधिकारियों ने जब लेटर को बारीकी से देखा तो शक हुआ।आनन फानन लेटर की सच्चाई जानने के लिए सीएमओ ने स्वास्थ्य मंत्रालय में सम्पर्क किया।मंत्रालय ने ऐसा लेटर जारी होने से इंकार किया। अब पूरे मामले की जांच सदर कोतवाली पुलिस कर रही है।

इस लेटर में एक परिवार के पांच लोगों के नाम लिखे है,इनको सात अगस्त को दर्शन और ठहरने की उच्चतम व्यवस्था कराने के निर्देश है।यह लेटर एडीएम के जरिए एसडीएम सदर के पास पहुंचा। इसके साथ कई भी फोन आए। अधिकारियों को शक हुआ।शक बढ़ने के साथ मामला डीएम,एसपी और सीएमओ तक पहुंच गया। फिर लेटर की सच्चाई जानने के लिए अधिकारियों ने छानबीन शुरू की।

एसडीएम सदर अजय यादव का कहना है कि जारी पत्र एडीएम कार्यालय की माध्यम से उनको भेजा गया।पत्र डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के नाम से जारी किया गया है। इस पत्र में आलोक कुमार,साधना देवी,शिवांगी,कुसुम लता व सुधा त्रिपाठी को चित्रकूट धाम में सात अगस्त को वीवीआईपी दर्शन कराने तथा उनके ठहरने की उच्चतम व्यवस्था उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

एसडीएम सदर अजय यादव का कहना है कि पत्र में लिखा गया कि पांचों व्यक्तियों को विशेष सुविधा प्रदान करने की दया करें।पत्र में एक मोबाइल नंबर 7252018567 भी लिखा गया है। एसडीएम का कहना है कि पत्र मिलने के बाद मोबाइल नंबर 8114028929 से उनके पास करीब दस बार फोन आया है। फोन करने वाले ने अपना नाम आकाश बाजपेयी बताया। संदेह होने पर सीएमओ से संपर्क कर उनके जरिए पत्र की पुष्टि के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से जानकारी की गई। जिसमें डिप्टी सीएम के नाम से जारी पत्र भ्रामक लगता है।

सीएमओ डाॅक्टर महेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने फोन के जरिए अवगत कराया कि फिलहाल ऐसा पत्र कार्यालय से जारी नहीं हुआ है। फलस्वरूप एसडीएम सदर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर कोतवाली पुलिस को पत्र की जांच के निर्देश दिए।

एसपी अरुण कुमार सिंह का कहना है जारी पत्र नियमत: सही नहीं लग रहा है। पत्र में सात अगस्त को दर्शन कराने की बात लिखी है।पत्र जारी होने का दिनांक भी सात अगस्त है। जबकि पत्र बीते पांच अगस्त को यहां आया है। एसपी ने बताया कि फोन के जरिए पत्र भेजने वाला शख्स खुद को डिप्टी सीएम कार्यालय का पीआरओ बता रहा था। उनसे फोन करने वाले ने यहां तक कहा कि इसका प्रोटोकाल जारी कराया जाए। तभी नियमानुसार व्यवस्था हो पाएगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दोरान पत्र फर्जी मिलने पर शासन को अवगत कराया जाएगा।

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