मुजफ्फरनगर।उत्तर प्रदेश के संभल की तमन्ना मलिक एक बार फिर कांवड़ यात्रा निकालने को लेकर चर्चा में आ गई हैं। तमन्ना मलिक हरिद्वार से गंगाजल भरकर गाजियाबाद के डासना मंदिर के लिए यात्रा कर रही हैं। तमन्ना अपने पति अमन त्यागी और साथी अलीशा बानो के साथ 11 अगस्त को शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगी।
मुजफ्फरनगर पहुंचने पर हिंदू संगठनों और पुलिस की मौजूदगी में तमन्ना मलिक ने बेबाकी से मीडिया के सामने अपनी बात रखी।तमन्ना ने कहा कि संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद के कपड़े पहनने का अधिकार देता है।संभल प्रशासन के नोटिस के बावजूद वह दोबारा कांवड़ यात्रा निकाल रही हैं।
तमन्ना मलिक ने कहा कि सनातन धर्म में महिलाओं को पूरा इज्जत,सम्मान और जीने का अधिकार मिलता है। मुस्लिम महिलाओं को सनातन धर्म में आने का आह्वान करते हुए तमन्ना ने कहा कि दुनिया में इससे अच्छा कोई धर्म नहीं है। बुर्का पहनने के विवाद पर तमन्ना ने साफ कहा कि बुर्का किसी के बाप की जागीर नहीं है और देश संविधान से चलता है,जो कपड़े पहनने की आजादी देता है।
संभल प्रशासन द्वारा पूर्व में दिए गए नोटिस पर तमन्ना मलिक ने दुख जताते हुए कहा कि जब संविधान में कोई रोक नहीं है तो पुलिस को नोटिस नहीं देना चाहिए था। तमन्ना ने ऐलान किया कि वह फरवरी में एक बार फिर कांवड़ यात्रा निकालेंगी। साथ ही तमन्ना ने बताया कि साथ चल रही अलीशा बानो को इस्लाम में इंसाफ नहीं मिला था।
तमन्ना मलिक के पति अमन त्यागी ने कहा कि सनातन धर्म में पति-पत्नी एक-दूसरे का साथ निभाते हैं, इसलिए वे अपनी पत्नी की इच्छा पूरी कर रहे हैं।अमन ने कांवड़ियों को भला-बुरा कहने वाले मौलानाओं पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की मांग की।अमन ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो शिवभक्त कड़ा जवाब देंगे।