गाजियाबाद।देवाधिदेव महादेव का प्रिय महीना सावन में चारों तरफ भगवा ही भगवा नजर आ रहा है,कंधों पर कांवड़, होंठों पर हर हर महादेव और आंखों में महादेव के दर्शन की आस है।इस बार सावन में आस्था,संकल्प और परिवार के प्रति जिम्मेदारी की अनूठी मिसाल हरिद्वार से लेकर दिल्ली तक देखने को मिल रही है।हरिद्वार से दिल्ली तक कांवड़ यात्रा पर निकली काजल चौधरी इन दिनों लोगों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई हैं।काजल अपनी 90 वर्षीय सास चंद्रो देवी को साथ लेकर पैदल कांवड़ यात्रा पर निकली हैं।काजल दिल्ली के शाहदरा तक जाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही हैं।
काजल चौधरी की कांवड़ यात्रा 21 जुलाई को शुरू हुई थी।हरिद्वार से निकलने के बाद काजल गाजियाबाद के मोदीनगर और मुरादनगर से होते हुए दिल्ली की तरफ बढ़ रही हैं।यात्रा के दौरान दोनों अलग-अलग जगहों पर रुककर आराम करती हैं और फिर आगे का सफर तय करती हैं।सड़क से गुजरते हुए 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला को कांवड़ के साथ देख स्थानीय लोग और श्रद्धालु भी उनकी सराहना कर रहे हैं।कई जगहों पर लोगों की ओर से उन्हें सहयोग भी मिल रहा है।
काजल चौधरी ने बताया कि उनकी सास चंद्रो देवी की उम्र 90 साल है।धार्मिक आस्था के चलते उनकी इच्छा थी कि वह हरिद्वार से दिल्ली तक की यात्रा करें।काजल ने बताया कि इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उन्हें अपने साथ लेकर पैदल सफर करने का फैसला किया।वह अपनी सास की इच्छा पूरी करने के लिए यह सफर कर रही हैं और उन्हें इस बात की खुशी है कि वह उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल पा रही हैं।
काजल चौधरी ने बताया कि यात्रा के दौरान बुजुर्ग सास की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।रास्ते में विश्राम करती हूं और फिर यात्रा आगे बढ़ाती हैं।उम्र अधिक होने के बावजूद सास का उत्साह कम नहीं हुआ है।
काजल चौधरी ने बताया कि इससे पहले वह अपनी सास चंद्रो देवी को वृंदावन की 84 कोस परिक्रमा भी करा चुकी हैं।अब दोनों ने हरिद्वार से दिल्ली के शाहदरा तक पैदल जाने का संकल्प लिया है।
काजल चौधरी कहती हैं कि बुजुर्गों की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है,उनके लिए यह सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि अपनी सास की इच्छा पूरी करने और बहू होने का कर्तव्य निभाने का भी अवसर है।पहले उनकी सास ने परिवार की देखभाल की और उनका भी ख्याल रखा।अब समय आया है कि वह अपनी बुजुर्ग सास की सेवा करें और उनकी धार्मिक इच्छाओं को पूरा करने में साथ दें।
बता दें कि 90 वर्षीय चंद्रो देवी को साथ लेकर कांवड़ यात्रा कर रही काजल चौधरी की तस्वीर और उनका संकल्प लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।रास्ते में उन्हें देखने वाले श्रद्धालु इसे आस्था के साथ पारिवारिक जिम्मेदारी की मिसाल बता रहे हैं।इस कांवड़ यात्रा में धार्मिक विश्वास के साथ बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सेवा का भाव भी नजर आ रहा है।हरिद्वार से दिल्ली तक जारी यह कांवड़ यात्रा अब सिर्फ एक कांवड़ यात्रा नहीं रह गई है,बल्कि बहू और सास के रिश्ते में सेवा,सम्मान और अपनापन दिखाने वाली कहानी बन गई है।