2027 के विधानसभा चुनाव में बहुरानियों का महामुकाबला,अखिलेश ने डिंपल को उतारा तो जयंत को मजबूती देने उतरीं चारू
2027 के विधानसभा चुनाव में बहुरानियों का महामुकाबला,अखिलेश ने डिंपल को उतारा तो जयंत को मजबूती देने उतरीं चारू

06 Sep 2026 |   23



 

धनंजय सिंह।उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होना है।विधानसभा चुनाव के चुनावी सभाओं में दो बड़े सियासी घराने की बहुरानियों का महामुकाबला दिखेगा।एक तरफ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने अपनी पत्नी डिंपल यादव को आगे करना शुरू कर दिया है तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया जयंत चौधरी ने अपनी पत्नी चारू चौधरी को चुनावी रैलियों में उतार दिया है।देखना दिलचस्प होगा कि ये दोनों बहुरानियां किस रूप में अपने सियासी घरानों की आन-बान-शान को आगे बढ़ाती हैं।

2027 के विस चुनाव में महिलाओं पर सभी दलो का है फोकस

2027 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं पर सभी दलो का फोकस है।सभी सियासी दल भली भांति समझते हैं कि अगर महिलाएं उनके साथ आ गईं तो चुनाव में जीत दर्ज करना बिलकुल आसान हो जाएगा,क्योंकि महिलाएं जाति और धर्म से ऊपर उठकर वोट करती हैं।खास बात यह है कि वह जिस पार्टी का समर्थन करती हैं तो दिल खोलकर करती हैं,इसी वजह से भाजपा,सपा,कांग्रेस और आरएलडी समेत तमाम सियासी दल महिलाओं पर डोरे डालने में जुटे हैं।

2027 के यूपी चुनाव में दिखेगा डिंपल यादव और चारू चौधरी का मुकाबला

समाजवादी पार्टी पर हमेशा से गुंडागर्दी फैलाने के आरोप लगते रहे हैं।इस वजह से कहा जाता है कि महिलाएं सपा से दूरी बनाती हैं।इस नैरेटिव को बदलने के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव इस बार पत्नी डिंपल यादव को प्रमुखता से आगे करते हुए दिखाई रहे हैं।डिंपल की सक्रियता को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बातें हो रही है,लेकिन इसी बीच जयंत चौधरी ने अपनी पत्नी चारू चौधरी को चुनावी मंच पर लेकर आ गए हैं।अब चारू सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। लोग डिंपल और चारू की तुलना भी करने लगे हैं।

मंच पर पहुंचते ही चारू ने अखिलेश को निशाने पर लिया

बीते गुरुवार को सहारनपुर में राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) की रैली में जयंत चौधरी की पत्नी चारू चौधरी भी भाषण देने पहुंचीं।चारू ने लिखा हुआ भाषण पढ़ने के बजाय खुद से पूरे कॉन्फिडेंस के साथ भाषण दिया।चारू का भाषण भले ही दो मिनट का रहा,लेकिन चारू ने ऐसी बातें कहीं जो चर्चा का विषय बन गया है।चारू ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव को निशाने पर लिया।चारू ने कहा,किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वो आपका अपमान करें या आपको सिखाएं और समझाएं।इस तरीके की बयानबाजी सिर्फ उनकी मानसिकता दर्शाता है,उनका अहंकार दर्शाता है,सच तो यह है कि यह लोकतंत्र है,सरकार किसकी बन रही है,कौन आ रहा है,जा रहा है,यह फैसला सिर्फ आप करते हैं।चारू का यह बयान अखिलेश यादव के उस तंज का जवाब था,जिसमें अखिलेश ने जयंत चौधरी का नाम लिए बगैर कहा था कि जिसको चवन्नी से रुपया बनाया वो भी उधर भाग गए।जयंत की पत्नी चारू पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच संभालती दिखीं।चारू ने अपने छोटे भाषण में ही एनडीए के ज्यादा से ज्यादा प्रत्याशियों को जीत दिलाकर लखनऊ भेजने की अपील की। चारू भले ही 2009 से पति जयंत के लिए चुनावी रैलियां और रोड शो करती रही हैं,लेकिन वह एंटरप्रेन्योर भी हैं। चारू साउथ दिल्ली में ज्वेलरी और कपड़ों का फैशन ब्रांड शोरूम चलाती हैं। चारू ने अभी तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है और ना ही विधानमंडल या संसद की सदस्य बनी हैं।

डिंपल यादव को आगे कर रहे हैं अखिलेश

सपा मुखिया अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव 2012 उपचुनाव में पहली बार निर्विरोध कन्नौज से सांसद चुनी गई थीं। 2014 के लोकसभा चुनाव में डिंपल दोबारा कन्नौज से चुनाव जीतीं। 2022 में तीसरी बार मुलायम सिंह यादव के निधन से खाली हुई मैनपुरी सीट पर हुए उपचुनाव में डिंपल सांसद चुनी गईं। 2024 के लोकसभा चुनाव में मैनपुरी से जीत दर्ज कर डिंपल सांसद हैं।पिछले दिनों जंतर मंतर पर GEN-Z के आंदोलन में अखिलेश यादव की गैरमौजूदरगी में डिंपल छात्रों की अगुवाई करती नजर आईं।इसके बाद छात्रों पर हुए लाठीचार्च के बाद डिंपल जिस तरह से घायल छात्रों के साथ खड़ी दिखीं उसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी इस छवि की काफी तारीफ हुई।पिछले दिनों अखिलेश यादव आगामी यूपी चुनाव को लेकर महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएं करने के लिए मीडिया के सामने आए थे।इस दौरान महिलाओं के लिए घोषणाएं करने की जिम्मेदारी डिंपल को ही दी गई।पत्रकारों के सामने डिंपल ने घोषणा की कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो राज्य की महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने डिंपल को पत्रकारों के सवालों का भी जवाब देने के लिए भी प्रोत्साहित करते दिखे।डिंपल ने भी बेहद मजबूती के साथ पत्रकारों के सवालों का मंजे हुए राजनेता की तरह जवाब दिया।जहां तक डिंपल की एजुकेशन का सवाल है तो वह लखनऊ यूनिर्सिटी से बी कॉम हैं।वहीं चारू दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं।इसके अलावा चारू लंदन से ज्वेलरी डिजाइनिंग का कोर्स भी कर चुकी हैं,जहां चारू भी पंजाबी फैमिली से होने के बावजूद जाट परिवार की बहू बनी हैं, वहीं डिंपल यादव राजपूत परिवार से होते हुए भी यादव परिवार की बहू हैं।दोनों ने ही नारी सशक्तिकरण का परिचय देते हुए अपनी मर्जी से शादियां की हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव में देखना दिलचस्प होगा कि दोनों देवियां किस रूप में अपने-अपने दल और गठबंधन के लिए वोट जुटा पाती हैं।

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