फतेहपुर।जिस तरस घर बैठे मोबाइल से गैस सिलिंडर की बुकिंग होती है,डीएसपी नंबर जनरेट होने पर अगले कुछ घंटे में सिलिंडर मिल जाता है,अब उसी तरह यूरिया और डीएपी की बोरी के लिए ऑनलाइन बुकिंग होगी।बुकिंग के 24 घंटे अंदर बुक की गई खाद दुकान या सहकारी समिति से आपको मिल जाएगी।
खरीदी गई खाद का पैसा आप बुकिंग के दौरान ऑनलाइन या फिर खाद मिलने पर नकद भी दे सकेंगे।बिक्री के लिए तैयार किये गये ऑनलाइन प्लेटफार्म को जन-जन तक सरलीकरण के जरिए पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने फतेहपुर जिले में 26 मास्टर ट्रेनरों को ट्रेनिंग दी है।
जिले में पांच लाख किसान है,जिनके नाम जमीनें हैं।हर साल किसान मुख्य रूप से रबी,खरीफ और जायद फसलों के लिए डीएपी और यूरिया खाद की उठान करता है।दुकानों में खाद नकली होने की आशंका पर अधिकांश किसान सहकारी समिति से ही खाद उठाता है।ऑनलाइन खाद बिक्री के लिए अब सभी खाद की दुकानों और समितियों की एफएफसी एप में मैप किया गया है।अगले सत्र से इसी एप में खाद की बुकिंग करने पर खाद मिलेगी।
जब भी किसान खाद के लिए बुकिंग करेंगे एक मिनट में एक बार कोड जनरेट होगा।इसी बारकोड को दिखाने पर आपको अपनी समिति से खाद की बोरी मिल जाएगी।ऑनलाइन खाद बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफार्म तैयार किया गया है।खास बात यह है कि इसमें आधार कार्ड से किसान की पहचान होगी और फार्मर रजिस्ट्री युक्त किसान से उसकी लिमिट तय होगी। इसलिए हर किसान को फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। अच्छी बात यह है कि जिले में 95 फीसदी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है।ऐसे में हर किसान को इसका फायदा घर बैठे मिलेगा।
मौजूदा समय में 95 फीसदी किसानों ने अपनी फार्मर रजिस्ट्री करा ली है,लेकिन इन 95 फीसदी किसानों में ऐसे किसान भी है,जिनकी फार्मर रजिस्ट्री तो है,लेकिन संपूर्ण गाटे लिंक नहीं है।ऐसे किसानों को नुकसान है,क्योंकि जितनी जमीन लिंक है उतनी ही खाद की लिमिट बनेगी।ऐसे में अगर किसी की फार्मर रजिस्ट्री में गाटे छूटे हैं,तो पहले पुन: ऑनलाइन कराकर छूटे गाटे शामिल कराने पर ज्यादा फायदा होगा।
गूगल प्ले स्टोर से एफएफसी एप डाउनलोड करना होगा।इस एप नाम और आधार नंबर डालने पर लोकेशन चुननी पड़ेगी। लोकेशन चुनते ही आपके क्षेत्र की उर्वरक दुकानें और समितियां दिखेगी,जहां से खाद लेना है उसी दुकान या समिति में क्लिक करने पर स्टाक नजर आएगा। स्टाक में क्लिक करते हुए आपकी जमीन के अनुसार आपका कुल कोटा दिखाई देगा।अपनी जरूरतनुसार खाद की बोरियों की संख्या भरेंगे। आपका बार कोड जनरेट होगा और संबंधित दुकान व समिति में दिखाने पर खाद आपको मिल जाएगी।
खरीफ सीजन बीत रहा है,अगले रबी सीजन से हम ऑनलाइन बुकिंग के जरिए खाद वितरण करेंगे। इसके लिए अफसरों को भारत सरकार की तरफ से ट्रेनिंग दी गयी है। अब हम कर्मचारियों को ट्रेनिंग देंगे और ब्लाक-ब्लाक प्रशिक्षण शिविर लगाकर किसानों को भी प्रशिक्षित करेंगे। -नरोत्तम सिंह, जिला कृषि अधिकारी।