प्रयागराज।प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।इसका असर संगम नगरी के कई इलाकों के साथ ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों पर भी दिख रहा है।बाढ़ के पानी में प्रेरणा स्थल के डूबने को लेकर सियासत तेज हो गई है।यमुना किनारे बने प्रेरणा स्थल के बाढ़ के पानी में घिरने को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है।
जानें अखिलेश यादव ने एक्स पर क्या लिखा
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नाम बदलने वालों के लिए सुनहरा मौका।अरबों की लागत से बने प्रेरणा स्थल का नाम बदलकर प्रेरणा जल-स्थल कर दें।भ्रष्टाचारी भाजपाइयों से आग्रह है कि कम-से-कम अपने महापुरुषों के प्रति तो ईमानदार रहें।
बता दें कि सपा मुखिया अखिलेश यादव का ये बयान ऐसे समय आया है जब प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।यमुना के किनारे बने प्रेरणा स्थल में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। प्रेरणा स्थल में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी,श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अशोक सिंघल की प्रतिमा स्थापित हैं।
वायरल वीडियो में युवती ने उठाया सवाल
प्रेरणा स्थल को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।वायरल वीडियो में एक युवती प्रेरणा स्थल पर खड़ी दिख रही है।युवती बाढ़ के पानी की ओर इशारा करते हुए सवाल करती है कि आखिर इस प्रेरणा स्थल से क्या प्रेरणा ली जाए,जो पानी में डूब गया है।वीडियो में युवती यह भी दावा करती सुनाई दे रही है कि यहां करीब एक करोड़ रुपये की लागत से स्विमिंग पूल बनाया गया है और इसे बने अभी दो या तीन महीने भी नहीं हुए हैं।युवती यह भी कहती है कि इसका इनोग्रेशन 5 जुलाई को हुआ था।वायरल वीडियो में ढाई हजार करोड़ रुपये के बजट का भी जिक्र किया गया है। दावा किया गया है कि इस पूरे एरिया को विकसित करने के लिए यह बजट पास हुआ था।हालांकि वायरल वीडियो में किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
संगम नगरी के कई इलाकों में बाढ़ का असर
संगम नगरी में बाढ़ का असर सिर्फ प्रेरणा स्थल तक सीमित नहीं है।गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से संगम नगरी के कई इलाकों में सड़कों और घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है।दारागंज इलाके की तस्वीरें भी बाढ़ की गंभीर स्थिति दिखा रही हैं।कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया है।मकानों और झोपड़ियों में भी पानी पहुंचने लगा है।लोगों के सामने घर का सामान सुरक्षित निकालने और दूसरी जगह जाने की चुनौती बनी हुई है।जिन रास्तों पर आम दिनों में वाहन चलते हैं,वहां अब नाव चल रही है।लोग बाढ़ के पानी के बीच जरूरी सामान को सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुटे हैं।झूंसी इलाके में भी बाढ़ का पानी आबादी तक पहुंच गया है।