ब्रिक्स व सहयोगी देशों से बढ़ा यूपी का रिश्ता,47484 करोड़ का निर्यात,जानें किन क्षेत्रों में बढ़ी भागीदारी
ब्रिक्स व सहयोगी देशों से बढ़ा यूपी का रिश्ता,47484 करोड़ का निर्यात,जानें किन क्षेत्रों में बढ़ी भागीदारी

12 Sep 2026 |   50



ब्यूरो धीरज कुमार द्विवेदी 

लखनऊ।ब्रिक्स और उसके सहयोगी देशों के व्यापारिक रिश्ता लगातार उत्तर प्रदेश से प्रगाढ़ हो रहा है।यूपी से ब्रिक्स देशों और सहयोगी देशों को 47,484 करोड़ का निर्यात किया गया है।यह यूपी के लगभग दो लाख करोड़ के कुल निर्यात का 23.7 फीसदी है।इसमें ब्रिक्स देशों को 34,811 करोड़ और सहयोगी और पार्टनर देशों को 12,673 करोड़ का निर्यात शामिल है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग,व्यापार और आर्थिक साझेदारी को नई दिशा दे रहा है।यूपी के लिए ब्रिक्स देशों के बाजार विशेष महत्व रखते हैं।यूपी पहले से ही खाद्य उत्पादों,इलेक्ट्रिकल उपकरण,मशीनरी,परिधान,आभूषण, चमड़ा और अन्य औद्योगिक वस्तुओं का निर्यात कर रहा है।

ब्रिक्स में ब्राजील,रूस,भारत,चीन,दक्षिण अफ्रीका,मिस्र, इथियोपिया,ईरान,सऊदी अरब,संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया शामिल हैं।बेलारूस,बोलीविया,क्यूबा, कजाखस्तान,मलेशिया,नाइजीरिया,थाईलैंड,युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम सहयोगी या पार्टनर देशों के रूप में शामिल हैं। 

ब्रिक्स सदस्य देशों में संयुक्त अरब अमीरात यूपी का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है।यूपी ने यूएई को 15,133 करोड़ का निर्यात किया,जो ब्रिक्स देशों को होने वाले कुल निर्यात का 43.5 फीसदी है।इसके बाद सऊदी अरब को 4,938 करोड़, मिस्र को 3,848 करोड़, इंडोनेशिया को 2,670 करोड़, चीन को 2,497 करोड़, ब्राजील को 2,209 करोड़, दक्षिण अफ्रीका को 1,690 करोड़, रूस को 1,584 करोड़, ईरान को 131 करोड़ और इथियोपिया को 110 करोड़ का निर्यात किया गया।

मलेशिया को 3,740 करोड़ का निर्यात किया गया। उज्बेकिस्तान को 1,339 करोड़, थाईलैंड को 733 करोड़, नाइजीरिया को 730 करोड़, युगांडा को 114 करोड़, कजाखस्तान को 49 करोड़, बोलीविया को 10 करोड़ और बेलारूस को 8 करोड़ का निर्यात किया गया।

निर्यात की जाने वाली वस्तुओं में इलेक्ट्रिकल मशीनरी और उपकरण 3,894 करोड़,परिधान और वस्त्र सहायक सामग्री 2,527 करोड़, मशीनरी और यांत्रिक उपकरण 2,494 करोड़ एवं कीमती एवं अर्द्धकीमती पत्थर,धातु और आभूषण 2,378 करोड़ का निर्यात शामिल हैं।सहयोगी देशों को इलेक्ट्रिकल मशीनरी और उपकरण 928 करोड़, मशीनरी और यांत्रिक उपकरण 539 करोड़, एल्युमिनियम और उससे संबंधित उत्पाद 302 करोड़ और चमड़ा और‌ चमड़े से बने उत्पाद 280 करोड़ का निर्यात किया गया।

बता दें कि ब्रिक्स विश्व का प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक शक्तिशाली अंतर-सरकारी संगठन है,इसकी शुरुआत 2006 में ब्राजील,रूस,भारत और चीन ने की थी। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने से यह ब्रिक्स बना। जनवरी 2024 में मिस्र,इथियोपिया,ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को इसमें नए सदस्यों के रूप में शामिल किया गया,इससे इसका दायरा और अधिक व्यापक हो गया है।इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक,राजनीतिक और वित्तीय सहयोग को बढ़ावा देना और संयुक्त राष्ट्र और आईएमएफ जैसे वैश्विक संस्थानों में विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व मजबूत करना है।वैश्विक आबादी के लगभग 45 फीसदी हिस्से और विश्व की जीडीपी के 35 फीसदी से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाला यह संगठन पश्चिमी देशों के वर्चस्व के संतुलन और विकासशील देशों के बुनियादी ढांचे व सतत विकास के लिए अपने न्यू डेवलपमेंट बैंक  के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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