कानपुर में खतरे के निशान के पार पहुंची गंगा,12 गांवों में घुसा पानी
कानपुर में खतरे के निशान के पार पहुंची गंगा,12 गांवों में घुसा पानी

12 Sep 2026 |   23



 

कानपुर।उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है।गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से सिर्फ 29 सेंटीमीटर दूर है। 12 घंटे में 10 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ने से कटरी के गांव टापू बन गए हैं,ज्यादातर रास्तों पर पानी है और 12 गांवों के लोग घरों में कैद हैं।आवागमन के लिए लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।पुराना कानपुर स्थित तिवारी घाट में घरों के बाहर तक बाढ़ पानी आ चुका है। यहां से अब तक 35 लोगों को निकाला जा चुका है।भगवानदीन पुरवा में बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है।

जैसे-जैसे गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है वैसे-वैसे कटरी के गांव के लोगों की बढ़ रही हैं धड़कनें

गंगा का जलस्तर जैसे-जैसे बढ़ रहा है वैसे-वैसे कटरी के गांव के लोगों की धड़कनें भी बढ़ रही हैं। भगवानदीनपुरवा में रास्तों से होता हुआ पानी घरों के मुहाने तक पहुंच गया है। बनियापुरवा,दुर्गापुरवा डल्ला पुरवा,लक्ष्मण पूर्व में बाढ़ का पानी गलियों में पहुंच रहा है।चिरान,पपरिया, चंदी पुरवा में पानी घरों की डेहरी तक पहुंच गया है।गांव के लोगों ने बाहर निकलने की तैयारी भी अब शुरू कर दी हैं।ज्यादातर गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।गंगा किनारे बसी तिवारी घाट बस्ती में पानी घुस चुका है।बस्ती में रहने वालों की आफत बढ़ गई है। ज्यादातर लोग प्राथमिक विद्यालय शेल्टर होम में पहुंच गए हैं।

हाईवे एक तरफ से बंद,राहत शिविर लगा

गंगा बैराज हाईवे पर बनियापुरवा पुलिस चौकी के पास बाढ़ राहत शिविर बनाया गया है।इसमें स्वास्थ विभाग की टीम मौजूद हैं।तहसील टीम ने गांव-गांव जाकर निरीक्षण किया। टीम ने ग्रामीणों को बाहर आकर राहत शिविर में रहने की सलाह दी। बैराज हाईवे पर टेंट लगाकर आश्रय स्थल बनाया गया है। हाईवे की एक लेन को शाम को बंद कर दिया गया। साथ ही आने वाले वाहनों की स्पीड कम कर चलने का अभियान चलाया जा रहा हे। आश्रय स्थल में बाढ़ में फंसे लोगों को आने के लिए कहा जा रहा है।

10 गांवों का आवागमन प्रभावित

सुरार-बछउपुर होते हुए टिकरा जाने वाले मार्ग पर कमर तक बाढ़ का पानी है। इस मार्ग से आसपास के 10 गांवों के लोगों का आवागमन होता है।पांडु नदी का जलस्तर पांच फीट घटने से सचेंडी व पनकी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित कई गांवों में राहत है। बाढ़ प्रभावित भौंतीखेड़ा, भौंती प्रतापपुर व कपली बस्ती में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवाएं और ओआरएस के पैकेट दिए।

इस गांव में काटी गई बिजली

बाढ़ के पानी से भगवानदीन का पुरवा गांव घिर चुका है। शुक्रवार दोपहर को भगवानदीन पुरवा की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। ऐसे में 36 परिवारों को बिना रोशनी के ही काम करना पड़ रहा है। वहीं बनियापुरवा की सड़कों में पानी भर गया। जिससे स्कूल के बच्चे भरे पानी से आने जाने को मजबूर हैं। वहीं, जलभराव के कारण बिजली के पोल तिरछे हो गए है।

More news