सीएम योगी बोले-नकल माफिया की कमर तोड़ने के लिए पूर्व डीजीपी को अध्यक्ष बनाया,पहले सैफई सिंडिकेट डकैती डालता था
सीएम योगी बोले-नकल माफिया की कमर तोड़ने के लिए पूर्व डीजीपी को अध्यक्ष बनाया,पहले सैफई सिंडिकेट डकैती डालता था

22 Sep 2026 |   21



 

लखनऊ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ में 3567 नव चयनित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य,प्रधानाध्यापक व प्रवक्ता (पीजीटी) और सहायक अध्यापक (टीजीटी) अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम का आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुआ। 

चयनित अभ्यर्थियों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता (पीजीटी) तथा 2372 सहायक अध्यापक (टीजीटी) शामिल हैं।कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी भी मौजूद रहीं। इस आयोजन का प्रदेश भर में लाइव भी किया गया। 

इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि यदि एक शिक्षक साल भर में 100 छात्रों से इंट्रैक्शन करता है तो आप सभी मिलकर 3.5 लाख से अधिक बच्चों को गाइड करने की सामर्थ्य रखते हैं। सीएम ने कहा कि जब भारत दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विवि का संचालन करता था,तब भारत विश्वगुरू था।सरकार इन्फ्रॉस्ट्रक्चर दे सकती है,उद्योग लगाने में मदद कर सकती है, लेकिन इन्हें गति कैसे देनी है,ये बात आपके द्वारा पढ़ाया गया विद्यार्थी तय करेगा। जब यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी तक आत्मनिर्भर भारत बनेगा। 

सीएम योगी ने कहा कि राम आदर्श का रूप हैं। उत्तर और दक्षिण को जोड़ने का दायित्व महर्षि अगस्त्य के पास आया तो उन्होंने करके दिखाया।जिस पंक्ति में कृष्ण पढ़ेंगे,उसी पंक्ति में गरीब सुदामा भी पढ़ेंगे।गुरू सांदीपनि ने इसका निर्वहन किया। हमारे डॉ एपीजे अब्दुल कलाम वैज्ञानिक होते हुए अपने आप को गुरू ही व्यक्त करते थे।

सीएम योगी ने आगे कहा कि नकल माफिया की कमर तोड़ने के लिए पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को अध्यक्ष बनाया गया। कोई सैफई माफिया डकैती न डाल सके,इसलिए व्यवस्था बनाई गई,जो आपका अधिकार था,उस पर डाका पड़ता था। सीएम ने कहा कि प्रयागराज में कुछ बच्चे धरने पर बैठे हैं, हमने उन्हें राहत देने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंत्री से कहा है कि वो NCTE को तुरंत पत्र लिखें कि छात्रों को एक बार राहत दे।एक समय के बाद नियम लागू करें। ताकि युवाओं के हौसलों में कोई ब्रेकर न बने। सीएम ने कहा कि हमने सैफई सिडिंकेट को बता दिया है कि हम देते रहेंगे,आप गिनते रहिए। गिनती न आती हो तो चाचा शिवपाल से गिनती सीख लें। उनके वक्तव्य के बाद आज तीसरी बार नियुक्ति पत्र दे रहे हैं। 

सीएम योगी ने कहा कि जिनके कारनामों से यूपी थर्राता था, वो आज उपदेश दे रहे हैं।एक नौजवान ने रोते हुए बताया कि 2015 में भी इसी पद के लिए आवेदन किया था, मुझसे आठ लाख मांगे गए, जब तक मैं पैसे की व्यवस्था करके आया, तब तक मुझसे ज्यादा पैसा देने वाले को नौकरी मिल गई। आज हमें योग्यता के आधार पर उसी पद पर नौकरी मिल गई है।

सीएम योगी ने आगे कहा कि आज स्कूलों में अटल टिकरिंग लैब बन रही हैं।हम व्यवसायिक घरानों से मिलकर कई सारे प्रोग्राम चला रहे हैं।पहले यह सब करने की इच्छा शक्ति नहीं थी। अब तक 9.5 लाख युवाओं को हमने नौकरी दी। आगे छह महीने में एक लाख नौकरियां और देंगे। लोग पूछते हैं परिणाम क्या आया,हम कहते हैं यूपी बीमारू राज्य से बाहर निकला है।यूपी की ग्रोथ तीन गुना हुई है। युवाओं ने अपनी क्षमता से करके दिखाया है। 

सीएम योगी ने चयनित शिक्षकों से कहा कि आपका काम सिर्फ पढ़ाना नहीं है,बल्कि आपके पढ़ाए हुए बच्चे हमेशा अपनी स्मृति में रखें ऐसा काम करना होगा।सिर्फ कहने से नहीं होगा,हमें उस प्रकार का वातावरण,उस प्रकार की परिस्थितियां पैदा करनी होंगी। सीएम ने कहा कि गूगल आपको जानकारी दे सकता है,एआई उत्तर दे सकता है,लेकिन, कब, कहां, क्या करना है छात्र वह तय कर सके,आपको उसे वैसा बनाना है। सोसायटी को बांटने वाले बहुत लोग हैं,ऐसे लोगों से छात्रों को सावधान करना,महापुरुषों की जीवनियां बताना।इससे बदलाव आता है। 

सीएम योगी ने कहा कि हमने शिक्षक,शिक्षणेत्तर कर्मियों, रसोइयों सबको कैशलेश इलाज की सुविधा दी है,ताकि आप उस तरफ से निश्चिंत होकर काम कर सकें। यदि किसी प्रधानाचार्य की इच्छा है तो उसे शासन को उपलब्ध कराएं। सभी चयनित लोगों की जॉइनिंग में कोई दिक्कत न आए। यदि कहीं भी कोई लेनदेन की बात आई तो समझ लेना जेल में सड़ना पड़ेगा।
 
इस मौके पर मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि आपने अपनी योग्यता,लगन से विभाग में अपनी जिम्मेदारी प्राप्त की है।जब हम पढ़ते हैं तो यह सोचते हैं कि उसका प्रतिफल मिलना चाहिए।पूर्व में योग्य लोग रह जाते थे। सूची के आधार पर चयन हो जाता था। आज सीएम योगी के नेतृत्व में ऐसा नहीं है। आज चयनितों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। आयोग के सभी पदाधिकारियों को भी बधाई की चयन पारदर्शी रहा और योग्य अभ्यर्थियों का चयन हुआ है।

गुलाब देवी ने कहा कि आज से आपके जीवन की नई जिम्मेदारी शुरू होती है।शिक्षक,छात्र संबंध भावनात्मक होता है।डॉक्टर और शिक्षक,भावना से जुड़ते हैं,शिक्षक के सामने माता पिता समर्पित कर देते हैं,ज्ञान का प्रकाश देंगे,ऐसे गुण विकसित करेंगे,पाश्चात्य संस्कृति के विद्यालयों में अनुशासन, देशभक्ति, त्याग की कमी दिख रही है। हमारे विद्यालय में यह सिखाया जाता है।

गुलाब देवी ने कहा कि आज डॉक्टर,इंजीनियर,आईएएस, पीसीएस अपनी मेहनत से बनेंगे।विद्यालय में तकनीकी और गुणवत्ता पर जोर है।शिक्षकों का भी ध्यान रखा,कैशलेश चिकित्सा सुविधा दी है।सरकार का उद्देश्य ऐसी शिक्षा जो छात्र जीवन का विकास कर सके। अगर कोई कमी रह गई तो विकसित भारत का सपना कैसे पूरा होगा।

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