धनंजय सिंह।नई दिल्ली घोषणा में ब्रिक्स देशों के नेताओं ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) गवर्नेंस पर एक संयुक्त बयान के क्रियान्वयन का संकल्प लिया,उन्होंने एक नए स्टार्टअप इनक्यूबेटर नेटवर्क का स्वागत किया और एक इनोवेशन फंड का प्रस्ताव रखा।
इस घोषणापत्र में फरवरी 2026 में भारत द्वारा एआई इम्पैक्ट समिट की मेज़बानी का प्रमुखता से जिक्र किया गया है,ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड का प्रस्ताव किया गया है।साथ ही भारत के गिफ्ट सिटी फाइनैंशियल हब के लिए प्रस्तावित रिस्क लैब का स्वागत किया गया है।ये पहल ब्रिक्स के टेक्नॉलजी एजेंडा को आकार देने में भारत की अहम भूमिका को बताती हैं, जो ऐसे समय हो रही है जब ब्रिक्स खुद को पश्चिमी देशों के दबदबे वाले एआई और वेंचर इकोसिस्टम के मुकाबले इनोवेशन के क्षेत्र में मजबूत विकल्प के तौर पर खुद को तैयार कर रहा है।
ब्रिक्स नेताओं ने भारत की अध्यक्षता में हुए 18वें सालाना शिखर सम्मेलन का इस्तेमाल एआई, स्टार्टअप और फाइनैंशियल इनोवेशन के लिए पूरे समूह के स्तर पर साझा नजरिया तय करने के लिए किया।इससे यह भी पता चला कि भारत खुद को इस समूह की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं के केंद्र के तौर पर स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
घोषणापत्र में कहा गया है कि यह समूह मानता है कि एआई सभी के लिए आर्थिक और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने का बहुत बड़ा अवसर प्रदान करता है। सदस्य देश एआई के वैश्विक गवर्नेंस पर ब्रिक्स नेताओं के बयान को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नेताओं ने विशेष रूप से भारत को फरवरी 2026 में हुई एआई इम्पैक्ट समिट के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। इसी समय चीन के शांघाई में वर्ल्ड एआई कॉन्फ्रेंस हुई थी।
उद्योग के दिग्गजों का कहना है कि ब्रिक्स का एआई तक ज्यादा लोगों की पहुंच, सुरक्षा और ज़िम्मेदार गवर्नेंस पर जोर देना सही समय पर उठाया गया कदम है। उनका कहना है कि एआई अब सिर्फ एक अलग तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि यह अलग-अलग सेक्टर में काम आने वाली एक अहम क्षमता बनती जा रही है। वे एआई में कंपनियों की उत्पादकता बढ़ाने और वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा और एजुकेशन जैसे सेक्टर में बड़े बदलाव लाने की बहुत संभावना देखते हैं।
भारत की स्थिति बहुत अच्छी है,क्योंकि यहां बेहतरीन टेक्नॉलजी टैलेंट,डिजिटल सार्वजनिक ढांचा और बड़ा घरेलू बाजार है,जहां बड़ी आबादी के स्तर पर समाधानों को परखा जा सकता है।जिस तरह भारत ने डिजिटल सार्वजनिक ढांचे के मामले में अपनी क्षमता दिखाई है,उसी तरह उसके पास ऐसे एआई प्लेटफॉर्म और ऐप्लिकेशन बनाने का मौका है, जो न सिर्फ भारत के लिए बल्कि सिकाससील देशों के लिए भी काम के हों।
ब्रिक्स ने मजबूत टेक्नॉलजी आपूर्ति श्रृंखला,सेमीकंडक्टर, जरूरी मिनरल और नई टेक्नॉलजी के महत्त्व को और मजबूत किया है। समिट के ठीक बाद होने वाली सेमिकॉन इंडिया 2026 इवेंट इस रणनीतिक सोच को उद्योग की साझेदारी और निवेश में बदलने का मंच होगी।
भारत के लिए यह खुद को ग्लोबल साउथ के लिए एक भरोसेमंद टेक्नॉलजी सेतु और डिजायन इंजन के तौर पर स्थापित करने का अनूठा मौका है।अपनी सेमीकंडक्टर डिजायन खूबियों,इंजीनियरिंग प्रतिभा और बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के साथ भारत चिप डिजायन, मैन्युफैक्चरिंग,आधुनिक पैकेजिंग,मानकों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ा सकता है।